Effective communication इफेक्टिव कम्युनिकेशन हमारे रिश्तों में बहुत जरूरी है ,क्योंकि इस्से मिसअंडरस्टैंडिंग कम होती है ,और आपस में अगर आप अपने पार्टनर के साथ बेहतर संवाद करते हैं ,समझ बने रहते हैं तो दोनों पार्टनर्स में टकराव होने की संभावना बहुत हद तक काम हो जाती है |
यहां पर कुछ टिप्स दी गई है ,जो आपके इफेक्टिव कम्युनिकेशन के लिए मददगार साबित हो सकती है |

❣️ एक्टिव लिसनिंग (ध्यान से सुसनना )
❣️ ‘i’ स्टेटमेंट का इस्तेमाल करना
❣️ ध्यान से बातें सहानुभूति दिखाना
❣️ सही समय का चुनाव करना
❣️धैर्य रखना
Effective communication
इफेक्टिव कम्युनिकेशन एक रिश्ते में बहुत जरूरी है .जब पार्टनर एक दूसरे से अच्छी तरह से बात करते हैं, तो उनका रिश्ता और मजबूत होता है लेकिन यह सिर्फ बातें करने तक लिमिटेड नहीं होता बल्कि कैसे बात करनी है, क्या जरूरी है, कौन सी भावनाएं हैं ,यह सभी इफेक्टिव कम्युनिकेशन को व्यक्त करते हुए बतानी चाहिए |बल्कि अपने पार्टनर को बोलना और सुना चाहिए तभी हम खुदकी भावनाओं को समझ सकते हैं|
Effective communication
यह मेरा पर्सनल एक्सपीरियंस है, कि अगर हमारा पार्टनर हमें समय नहीं देता है या हमारी भावनाओं को नहीं समझता है यह हमसे प्रॉपर कम्युनिकेट नहीं होता है तो ऐसे समय में हम हमारे पार्टनर से दूर होते जाते हैं,हम जो उसे एक्सपेक्टशंस रखते हैंया उम्मीदें रखते हैं वो अगर पूरी नहीं होती है तो हम हमारे पार्टनर से बहुत आहत होते हैं और उससे दूर होते जाते हैं ,एक पार्टनर को अपने दूसरे पार्टनर से अपने दिल की हर बात शेयर करनी चाहिए |
Effective communication
अगर पार्टनर्स में टकराव या मन मुटाव होता है ,तो वह सिर्फ बात से ही समझाया जा सकता है,मेरा यह मानना है कि अगर किसी भी कपल में किसी भी बात को लेकर अगर कोई टकराव होता है ,तो उन्हें आपसी समझ से के साथ उसे मसले पर बात करनी चाहिए |
हमें हमारी बातों को बहुत लंबा नहीं खींचना चाहिए जितना लंबा टकराव उतनी ज्यादा दूरियां अगर हम हमारे पार्टनर से कोई भी संवाद नहीं रखते हैं तो बहुत सारी नकारात्मकताएं हमारे बीच में पनपत्ति है,जिनको हम चाह कर भी नहीं मिटा सकते हैं,इसीलिए मेरा यही सुझाव होगा कि अगर हमें किसी भी मुद्दे पर कुछ भी टकराव हुआ हो या मनमुटाव हुआ हो हम उसे आपस में और इफेक्टिव कम्युनिकेशन करके स्पष्ट करें
क्योंकिअगर हम बात ही नहीं करेंगे तो हमारे मसले कैसे सुलझेंगे |

